सीजी डेस्क। राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को कवर्धा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नशामुक्ति अभियान, भिक्षावृत्ति उन्मूलन और विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के जीवनस्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही विकास के लक्ष्यों को पूरा किया जा सकता है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में आदिमजाति अनुसूचित जाति विकास विभाग, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा सहित जिला प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा-आदिवासियों के शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक विकास के साथ उन्हें रोजागर के अवसर प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों के अनुभव का उपयोग करते हुए बैगा युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। डेका ने बैगा युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता देने को कहा।
राज्यपाल ने टीबी (क्षयरोग) और सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल यूनिट की व्यवस्था, व्यापक सर्वेक्षण और जागरूकता अभियान के माध्यम से इन बीमारियों से प्रभावित क्षेत्रों में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने मरीजों को समय पर जांच, दवाइयों की उपलब्धता और पोषण सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने नशे के दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा खेलकूद से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने भिक्षावृत्ति के उन्मूलन के लिए पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और भिक्षुकों को समाज की मुख्यधारा में लाने की अपील की।